Saturday, April 13, 2019

चुनाव आयोग और इ व् म पर प्रश्नचिन्ह ? एवं आयोग की साख

चुनाव आयोग और इ व् म पर प्रश्नचिन्ह ? एवं आयोग की साख
चुनावी दंगल शुरू हो गया है, पहले चरण की वोटिंग भी हो गयी है, और शुरू हो गया है राजनीतिक दलों का चुनाव आयोग और इ व् म पर प्रश्नचिन्ह लगाने का सिलसिला, विगत कुछ वर्षों में देखा गया है की जो भी राजनितिक दल चुनाव हारते हैं, मुख्यतः कांग्रेस समेत उनके सहयोगी दल, अपनी हाल का ठीकरा चुनाव आयोग पर और इ व् म पर फोड़ देते हैं, और उस बहाने लोकतंत्र का मखोल बनते है, अगर सीधे दौर पर देख जाये जहाँ ये दल इ व् म के बहाने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं जिसके कोई पुख्ता सबूत आज तक नहीं मिले हैं, बार बार चुनाव आयोग द्वारा आमंत्रित करने के बावजूद भी कोई दल इस सम्बन्ध में कोई ठोस तर्क नहीं दे सका है, वही दूसरी ओर ये जानता द्वारा दिए गए फैसले को भी नकारते हैं, जो की लोकतंत्र के अत्यंत ही घातक है। 

चुनावी मौसम में, इ व् म की जगह जगह खराबी का आना शायद एक बहुत बड़ा कारण है जिसकी वजह किसी कोई भी इ व् म की विश्वश्नीयता पर प्रश्न उठाने के अवसर प्रदान करता है, और भला करे भी क्यों न प्रश्न ? जब भारत का संविधान चुनाव आयोग को निष्पक्ष चुनाव करने का इतना बड़ा दायित्व देता है तो चुनाव आयोग का ये दायित्व है की वो किसी भी हालत में इतनी बड़ी संख्या में इ व् म की खराबी की समस्या को रोके, आखिर क्या वजह है की चुनाव आयोग इस समस्या से निपट नहीं पा रहा है ? ये तो कतई नहीं समझा जा सकता की चुनाव आयोग के पास संसाधनों की कोई कमी है ? और अगर है तो ये एक चिंतनीय विषय है जिस पर देश की सरकार, उच्चतम न्यायलय, तथा सम्बंधित विभागों की तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। 

चुनाव आयोग जिस दिन इन छुटपुट समस्यांओ से पार पा लेगा और इ व् म में खराबी की खबर आनी बंद हो जाएगी, उस दिन संभव है की राजनितिक दलों को इ व् म पर प्रश्न उठाने में थोड़ी मशक्त करनी पड़ेगी, क्योंकि आज तो ये बहुत ही सहज है की जब इतनी बड़ी मात्रा में इ व् म में खराबी पायी जा रही है तो ये भी मुमकिन है की इ व् म में गड़बड़ी भी की गयी हो ? और वैसे भी आज के परिप्रेच्छ में किसी के भी ऊपर कोई भी आधारहिन् लांछन लगा देना काफी सहज है, क्योंकि अभी तक हमारी न्याय  प्रणाली इतनी भी सक्छम नहीं हुई है की तत्काल किसी भी विषय का संज्ञान लेकर कार्यवाही की जा सके। 

जहाँ जरुरत है की चुनाव आयोग ये सुनिचित करे की किसी भी बूथ पर किसी भी प्रकार से इ व् म में कोई खराबी न आने पाए, तथा साथ ही साथ ये आवश्यकता है की चुनाव आयोग को ये अधिकार दिए जाएँ की अगर कोई राजनितिक दल आधारहीन तथ्यों पर आयोग पर कोई लांछन लगता है तो, आयोग उसका संज्ञान उस दल पर आवश्यक कारवाही कर सके तभी जा कर चुनाव आयोग की साख मजबूत होगी,

लोकतंत्र का महापर्व है, इसमें सम्मिलित होकर अपने बहुमूल्य मतों का प्रयोग करे और एक सार्थक सरकार बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे. 

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